कहते हैं जहां चाह वहां राह। झारखंड तो इसकी मिसाल पेश करता रहा है। दशरथ मांझी ने जो मिसाल पेश की थी, उससे प्रेरणा लेकर कई लोग अपने परेशानियोें को दूर करने के तरीके निकाल रहे हैं। हम बात कर रहे हैं चाड़ा पाहन की। वे नए दशरथ मांझी बन उभरे हैं।
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